2 comments

  • गुरूजी श्री चरण वंदन

  • प्रणव शर्मा February 28, 2017   Reply →

    तेरे मिलने से पहले भी जीते थे हम ,,
    जीने वाली मगर बात कोई न थी ,,,,
    मुस्कुराती हुई सुबह कोई न थी ,,
    गुनगुनाती हुई रात कोई न थी ,,,,,तेरे मिलने से ————-
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